हिम्मत कुछ कर दिखाने का…..

किस्मत के पन्नो में अब छप सा जाना है ,

कुछ ना कुछ तो अब कर के दिखाना हैं ।

आसान नही रह गयी जिन्दगी ,

हर मुश्किल से लड़ कर अब आगे बढ़ते जाना है ।

 

वो बचपन अब दूर हो गये ,

जब माँ पापा की ऊँगली पकड़ कर चलते थे ।

अब तो तूफान सा आगे बढ़ते जाना है ,

उनका जीवन उजला करते जाना हैं ।

 

आसमान वो जो सब देखते है ,

जमीन की ख्वाईश नही रही किसी की ।

वक़्त के साथ बदल जाती है ख्वाईश जिन्दगी के ,

उस वक़्त को अपनी मुठ्ठी में करना हैं ।

 

जिन्दगी उड़ान चाहती है हमारी ,

आदमी पहचान पूछती है हमारी ।

वक़्त है अपनी किस्मत आजमाने का ,

हजारो की भीड़ में अपनी पहचान बनाने का ।

 

 

 

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