सबसे प्यारी माँ होती है ,

हमें डाँट के खुद रोती है ।

चोट लगे जो हमें कभी तो,

अंदर ही अंदर ओ रोती है ।

माँ से बड़ा कोई गुरु नहीं ,

ना कोई अधिकारी है ।

हम पर अपनी जान लुटाती ,

माँ  कितनी प्यारी होती है ।

नो महीने गर्भ में रख के ,

कितना दर्द उठाती है ।

अगर मैं गुस्सा हो जाऊँ तो ,

मुझे प्यार से मनाती है ।

धुप लगे जो मुझे कभी तो ,

मुझे आँचल से ढक लेती है ।

हमारे लिए भगवान से ओ ,

दिन रात दुवाएँ करती है ।

रहे कष्ट में ओ अगर ,

फिर भी ना दर्द बताती है ।

हर कष्ट में आगे आके ,

मुझ पर आंच ना आने देती है ।


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