बेटी की आवाज……

मुझे ना मारो मैं एक बेटी , ये कहती हूँ सबको एक बात ।

अपनी दुनिया में आने दो मुझको , मैं भी देखू क्या होता हे दिन रात ?

 

क्या होती है माँ की ममता , हूँ मैं इन सब से अनजान ।

मुझे भी अपना घर देखना है , क्यों पहुचा रहे मुझे शमसान ।

 

मैं बेटी अंजान प्यार से , मुझे भी अपने रंग में रंग लो ।

मेरे लिए बस मेरे लिए , माँ थोड़ा सा दर्द सहलो ।

 

मुझे भी माँ बाप का प्यार देखना है , ये सारा संसार देखना हैं।

अपने पैरों पे खड़े होके , पापा का नाम रौशन करना है ।

 

आँख में आंसू आने ना दूँ , इतना प्यार से रखूंगी ।

कभी आंच ना आने दूँ , मैं हर दर्द सहूंगी ।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *